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कोरोना नहीं है, पर अस्पताल जाना है तो ऐसे जाएं

कोरोना काल में उन लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिन्हें कोई दूसरी बीमारी है। ऐसे लोग अस्पताल जाने से घबरा रहे हैं। कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिसमें किसी दूसरी बीमारी के इलाज के लिये मरीज अस्पताल गया हो लेकिन वहां किसी के संपर्क में आने से संक्रमित हो गया हो। इसलिए आप इन सावधानियों का ध्यान रख सकते हैं:

गंभीर नो हों तो टेलिमेडिसिन
अगर कोई ऐसी बीमारी हो जिसमें फोन या वीडियो काल पर लक्षण बताकर इलाज संभव हो तो टेलिमेडिसिन का विकल्प चुनें। संक्रमण काल में अस्पताल जाने से बचें।

कोविड टेस्ट करवाएं
सर्जरी करवानी है या अस्पताल में एडमिट होना है तो कोविड टेस्ट जरूर करवाएं। छोटी-मोटी बीमारी के लिए भी उन्हीं अस्पतालों को चुनें जो साफ-सुथरे हों और सभी मानकों को पालन करते हों।

घर में कोई डायबिटिक है तो उसे साथ न ले जाएं
संभव हो तो अकेले ही अस्पताल जाएं, किसी को साथ ले जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि लगता है कि अकेले जाना मुश्किल है तो साथ में स्वस्थ व्यक्ति को ले जाएं। डायबिटीज आदि के मरीज या बच्चों के साथ न जाएं।

सुरक्षा उपायों के साथ जाएं
अस्पताल या डाक्टर के पास जाते समय मास्क जरूर लगा कर जाएं। साथ ही अपना सैनेटाइजर ले जाएं और अस्पताल में अगर कहीं हाथ लगाएं तो तुरंत सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें।

लंबे समय की खुराक लें
अगर आप लंबे समय से किसी बीमारी का इलाज करवा रहे हैं, संभव हो तो उसकी एक-दो माह की दवा एक साथ ले लें, ताकि आपको बार-बार अस्पताल या डाक्टर के पास ना जाना पड़े।


अच्छी इम्युनिटी

सुबह की शुरूआत पानी में एलोवेरा के साथ करें, शाम को ग्रीन टी लें

जिस व्यक्ति का प्रतिरक्षा तंत्र जितना मज़बूत होता है, उसे उतनी ही कम बीमारियां प्रभावित करती हैं। इम्युनिटी बढ़ाने में डाइट के साथ-साथ निश्र्चित समय पर सोने-उठने की भी अहम भूमिका होती है। सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात्रि का भोजन भी एक तय समय पर ही करें। लाकडाउन के मद्देनज़र हमने यहां ऐसा सिंपल डाइट शड्यूल दिया है, जिसे आप आसानी से अपना सकते हैं। इसमें शामिल अधिकांश चीज़ें
हमारे घरों में पहले से मौजूद हैं।

उठते ही क्या करें?

सुबह गुनगुना पानी पीते हैं तो यह अच्छी आदत है, इसमें 10-15 एमएल यानी लगभग दो से तीन टी स्पून एलोवेरा, गिलोय या व्हीटग्रास का जूस मिलाकर पी सकते हैं। इससे शरीर का सिस्टम क्लीन हो जाएगा। एलोवेरा या व्हीटग्रास का जूस किसी भी मेडिकल शाप में मिल जाएगा।

नाश्ता कब करें?

उठने के दो घंटे के अंदर ही नाश्ता करना जरूरी है। इसमें अपनी पसंद और सुविधानुसार विकल्प चुन सकते हैं। किसी दिन फलों से बनी स्मूदी लें, तो कभी ओट्स, उपमा या स्बजियों का जूस ले सकते हैं। स्मूदी में चाहें तो शहद, अलसी के बीज या थोड़ी मात्रा में दालचीनी
मिला सकते हैं।

लंच में क्या खाएं?

इस समय फिजिकल एक्टविटी कम है। इसलिए लंच हल्का लें। सलाद के साथ हरी सब्जी और दाल जरूर हों। दालें भी बदल-बदलकर लें यानी किसी दिन अरहर, किसी दिन मूंग… तो बेहतर रहेगा। खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं। एक घंटे बाद गुनगुने पानी में हल्दी मिलाकर पी सकते
हैं।

शाम की चाय कैसी हो?

हर्बल या ग्रीन टी अथवा जैसमीन टी बेहतर विकल्प है। अगर ये उपलब्ध ना हों तो सामान्य चाय में तुलसी की पत्तियां, काली मिर्च, आदि जरूर मिलाएं। ये इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होंगी। इसके एक घंटे बाद एकाथ फल जैसे सेब, पपीता आदि खा सकते हैं।

डिनर कब और कैसा हो?

रात्रि का भोजन आठ-साढ़े आठ बजे कर लेना चाहिए। डिनर में दलिया या खिचड़ी लेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। एक कटोरी मिक्स वेजीटेबल जूस ले सकते हैं। रात के सूप में टमाटर न मिलाएं। खाने के एक घंटे बाद गुनगुने पानी या दूध मे हल्दी मिलाकर पी सकते हैं।


आदत डालिए यह तीन चीज़ें आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएंगी|

तुलसी

घरों में तुलसी का पौधा होता ही है। तुलसी अपने आप में बहुत गुणकारी है और हमें रोगाणुओं से लड़ने में मदद
करती है। रोज सुबह तुलसी की 5-7 पत्तियां खानी चाहिए। पत्तियों को गुनगुने पानी के साथ भी ले सकते हैं।

च्यवनप्राश-अश्वगंधा

अश्वगंधा में कई तरह के रोगों से लड़ने की ताकत होती है। इससे शरीर को ऊर्जा भी मिलती है। इसके अलावा
च्यवनप्राश खाने की भी आदत डालनी चाहिए। इससे भी प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है।

आंवला

आंवले मे संतरे से कई गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। विटामिन सी का संबंध हमारी इम्युनिटी से भी है।
किसी भी मेडिकल शाप से आंवले का जूस ले सकते हैं। आंवला कैंडी भी खा सकते हैं।


सेफ्टी

यह होम किट बहुत जरूरी, कोविड की अलग-अलग स्टेज पर क्या करें चूंकि, देश खुल चुका है, सामान्य गतिविधियाँ फिर से शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। लेकिन कोविड-19 और सामान्य फ्लू के लक्षणों में फर्क मुश्किल होता है। सामान्य फ्लू के लक्षणों को आप इस किट से खत्म कर सकते हैं। यह इसलिए भी जरूरी है, ताकि अस्पतालों पर बेवजह दबाव न बने। हालांकि, यह सिर्फ सामान्य स्थिति वाले मरीजों के लिए है। वह भी तब तक जब तक उन्हें डाक्टरी सलाह न मिल पाए। अगर पहले से कोई बीमारी है, तो आपको बिना इंतजार डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।


सांस लेने में दिक्कत है तो

  • नाक से सांस लेने में दिक्कत हो रही हो और बुखार ना हो तो भाप लें, विटामिन सी का सेवन करें। भाप लेने के लिए वैपर और कैप्सूल किट घर में जरूर रखें।

 

  • गले में किसी तरह का संक्रमण महसूस होने पर गर्म पानी से गरारे करें। गर्म पानी ही पिएं। भोजन में विटामिन सी और बी काम्पलेक्स की मात्रा बढ़ाएं।

अगर बुखार है तो

  • तापमान को नियंत्रत करने के लिए पेरासिटामोल ले सकते हैं। मुंह की नियमित सफाई के लिए माउथवॉश का जरूर उपयोग करें। गरारे करने के लिए बीटाडीन मेडिकल स्टोर से ले सकते हैं।

 

  • एहतियात के तौर पर ब्रीदिंग (सांस) एक्सरसाइज करते रहिए। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता का बढ़ाएगा।

लगातार खांसी चल रही है तो
विटामिन सी और बी काम्पलेक्स लेते रहें। गरम पानी पीजिए। तापमान बढ़ा हुआ हो तो पेरासिटामोल ले सकते हैं। ज्यादा से ज्यादा तरल, लेकिन गरम पदार्थों का सेवन करें।

यह जानना भी बेहद जरूरी
घर में आक्सीजन रख सकते हैं। इससे आक्सीजन का लेवल जांच सकते हैं। सामान्य स्थिति में आक्सीजन का स्तर 98-100 रहता है। यदि आपके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता है और आपको सांस लेने में कठिनाई होती है, तो अपने फेफड़ों के विशेषज्ञ चिकित्सक को तुरंत देखें।

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